बेटे के चलते सुशांत की मृत्यु से कनेक्टेड हैं सुमन
सुमन ने एनबीटी से वार्ता में बोला कि वे सुशांत की मृत्यु से इसलिए कनेक्ट हैं, क्योंकि उनके बेटे अध्ययन सुमन की जिंदगी में भी एक ऐसा ही टर्निंग प्वॉइंट आया था, जिसके चलते वे सुशांत की तरह ही डिप्रेशन में चले गए थे.
वे कहते हैं, "सुशांत सिंह राजपूत हमारे साथ नहीं हैं. लेकिन मैं उन बातों को समझ सकता हूं, जो उनकी मृत्यु के बाद सामने आ रही हैं. क्योंकि यह सब मेरे बेटे अध्ययन के साथ भी हुआ था व आज भी हो रहा है. जिस तरह सुशांत पहले मानसिक रूप से निर्बल हुए व फिर उन्होंने फिल्में खो दीं, ऐसा ही अध्ययन के साथ हुआ था."
इंडस्ट्री का खास ग्रुप टैलेंट को अंदर से खोखला कर देता है
सुमन ने आगे बोला कि फिल्म इंडस्ट्री में एक स्पेशल ग्रुप है, जो एक्टर्स को सोशली व प्रोफेशनली बायकॉट करता है व युवा टैलेंट को दिमागी तौर पर तोड़ देता. वे कहते हैं, "आत्मविश्वास से भरे एक बच्चे को इस तरह हीन भावना से भर दिया जाता है कि वह अंदर ही अंदर खोखला हो जाता है व खुद को निर्बल समझने लगता है. वह 360 डिग्री टूट जाता है. यह प्रोसेस मृत्यु से भी बुरी होती है."
शेखर बोले- मुझे भी तबाह करने की प्रयास की गई
शेखर ने इस साक्षात्कार में बोला कि मूवी माफिया ने उन्हें भी तबाह करने की प्रयास की है. उनकी फिल्में, स्टेज, कार्य बहुत कुछ छीन लिया गया, जिसका प्रभाव उनके बेटे पर भी पड़ा.
वे कहते हैं, "हमें लड़ना है व इस माफिया ग्रुप को तोड़ना है. यह बहुत महत्वपूर्ण है. इन्हें यह समझाना बहुत महत्वपूर्ण है कि उनकी गुंडागर्दी, रंगदारी अब नहीं चलेगी. क्योंकि अब जनता जाग चुकी है व उन्होंने गलत लोगों को पहचान लिया है. जनता ने ठान लिया है कि अब वे छोटे शहर से आने वाले टैलेंटेड आर्टिस्ट्स को प्रमोट करेगी.
बॉलीवुड में हिंदू-मुस्लिम भेदभाव भी
शेखर सुमन की मानें तो बॉलीवुड में हिंदू व मुस्लिम के बीच भेदभाव भी बहुत होता है. उनके कुछ मुताबिक, कुछ लोग इंडस्ट्री में नकाब पहनकर रहते हैं व एक-दूसरे के साथ भाई-भाई होने का दिखावा करते हैं. वे कहते हैं कि बॉलीवुड में इस बात का ढोंग किया जाता है कि धर्म या हिंदू-मुस्लिम के नाम पर यहां कोई भेदभाव नहीं होता.
सुमन ने बॉलीवुड को महाभारत के परिवार कि संज्ञा दी. उनके मुताबिक, यहां सभी लोग पांडव व कौरवों की तरह आपस में ही लड़ रहे हैं. लोग यहां पैसा कमाने के लिए कुछ भी कर सकते हैं